
2025-12-02
किसी मिश्र धातु में विभिन्न धातु तत्वों को जोड़ने से इसके यांत्रिक गुणों (जैसे ताकत, कठोरता, लचीलापन, कठोरता, संक्षारण प्रतिरोध, आदि) पर काफी प्रभाव पड़ सकता है।
मिश्रधातुओं में सामान्य धातु तत्वों की भूमिकाएँ और यांत्रिक गुणों पर उनके प्रभाव निम्नलिखित हैं:
1.कार्बन (सी)
(1).उपयोग: मुख्य रूप से स्टील और कच्चा लोहा में पाया जाता है, जो लोहे के साथ कार्बाइड बनाता है (जैसे Fe3C)।
(2).प्रभाव:
①.शक्ति/कठोरता: बढ़ी हुई कार्बन सामग्री कठोरता और ताकत (जैसे उच्च कार्बन स्टील) को काफी हद तक बढ़ा देती है, लेकिन अत्यधिक मात्रा से भंगुरता हो सकती है।
②.लचीलापन: कार्बन की मात्रा जितनी अधिक होगी, लचीलापन और कठोरता उतनी ही कम होगी।
③.वेल्डेबिलिटी: उच्च कार्बन स्टील में खराब वेल्डिंग गुण होते हैं।
2.क्रोमियम (Cr)
(1).उपयोग: स्टेनलेस स्टील (जैसे 304, 316) और टूल स्टील के लिए मुख्य तत्व।
(2).प्रभाव:
①संक्षारण प्रतिरोध: ऑक्सीकरण प्रतिरोध और संक्षारण प्रतिरोध में सुधार के लिए एक निष्क्रिय ऑक्साइड फिल्म (Cr2O3) बनाता है।
②कठोरता/शक्ति: कठोरता और पहनने के प्रतिरोध में सुधार के लिए कार्बन (जैसे Cr23C6) के साथ कार्बाइड बनाता है।
③.उच्च तापमान प्रदर्शन: उच्च तापमान शक्ति (जैसे गर्मी प्रतिरोधी स्टील) को बढ़ाता है।
3.निकेल (नी)
(1).अनुप्रयोग: स्टेनलेस स्टील (जैसे 304), उच्च तापमान मिश्र धातु (जैसे इनकोनेल) और संक्षारण प्रतिरोधी मिश्र धातु।
(2).प्रभाव:
①.कठोरता: कम तापमान की कठोरता और लचीलेपन में सुधार करता है (जैसे कि कम तापमान वाले वातावरण के लिए निकल स्टील)।
②संक्षारण प्रतिरोध: अम्ल और क्षार के प्रति प्रतिरोध बढ़ाता है।
③.ऑस्टेनाइट स्थिरीकरण: स्टेनलेस स्टील में, यह क्रोमियम के साथ मिलकर एक ऑस्टेनिटिक संरचना (जैसे 304 स्टील) बनाता है।
4.मोलिब्डेनम (मो)
(1).अनुप्रयोग: उच्च शक्ति स्टील (जैसे 4140), स्टेनलेस स्टील (जैसे 316) और उच्च तापमान मिश्र धातु।
(2).प्रभाव:
①.शक्ति/गर्मी प्रतिरोध: उच्च तापमान शक्ति और रेंगना प्रतिरोध में सुधार करता है।
②संक्षारण प्रतिरोध: क्लोराइड तनाव संक्षारण (जैसे 316 स्टेनलेस स्टील) के प्रतिरोध को बढ़ाता है।
③.अनाज शोधन: कठोरता में सुधार करता है।
5. मैंगनीज (एमएन)
(1).अनुप्रयोग: कार्बन स्टील (जैसे A36), उच्च शक्ति कम मिश्र धातु इस्पात (HSLA) और ऑस्टेनिटिक मैंगनीज स्टील (जैसे हेडफील्ड स्टील)।
(2).प्रभाव:
①.डीऑक्सीडेशन/डीसल्फराइजेशन: सल्फर के हानिकारक प्रभावों को कम करता है (FeS के बजाय MnS बनाता है)।
②.कठोरता: कठोरता और पहनने के प्रतिरोध में सुधार करता है (उदाहरण के लिए खुदाई की बाल्टियों के लिए उच्च मैंगनीज स्टील)।
③.ऑस्टेनाइट स्थिरीकरण: स्टेनलेस स्टील में आंशिक निकल प्रतिस्थापन।
6.सिलिकॉन (Si)
(1).उपयोग: स्प्रिंग स्टील (जैसे 65Mn), इलेक्ट्रिकल स्टील, और एल्यूमीनियम मिश्र धातु (जैसे 4xxx श्रृंखला)।
(2).प्रभाव:
①.शक्ति/लोच: स्टील की ताकत और लोचदार सीमा में सुधार करता है (उदाहरण के लिए सिलिकॉन-मैंगनीज स्प्रिंग स्टील)।
②.डीऑक्सीडाइज़र: इस्पात निर्माण के दौरान ऑक्सीजन हटा देता है।
③.चुंबकीय गुण: विद्युत इस्पात की चुंबकीय पारगम्यता में सुधार करता है।
7. एल्यूमिनियम (अल)
(1).उपयोग: एल्यूमीनियम मिश्र धातु (जैसे 6061), उच्च तापमान मिश्र धातु (जैसे Fe-Cr-Al), और डीऑक्सीडाइज़र।
(2).प्रभाव:
①.हल्का वजन: घनत्व कम कर देता है (एल्यूमीनियम मिश्र धातु स्टील की तुलना में लगभग 2/3 हल्की होती है)।
②संक्षारण प्रतिरोध: Al2O3 सुरक्षात्मक फिल्म बनाता है।
③.अनाज शोधन: स्टील में अनाज की वृद्धि को रोकता है।
8.टाइटेनियम (टीआई)
(1).अनुप्रयोग: टाइटेनियम मिश्र धातु (जैसे Ti-6Al-4V), स्टेनलेस स्टील (जैसे 321), और उच्च तापमान मिश्र धातु।
(2).प्रभाव:
①.शक्ति/वजन अनुपात: टाइटेनियम मिश्र धातुओं में अत्यधिक उच्च विशिष्ट शक्ति होती है।
②संक्षारण प्रतिरोध: समुद्री जल और क्लोराइड संक्षारण का प्रतिरोध करता है।
③.कार्बाइड का निर्माण: अंतर-दानेदार जंग (जैसे 321 स्टेनलेस स्टील) को रोकने के लिए स्टील में कार्बन को ठीक करता है।
9.तांबा (घन)
(1).अनुप्रयोग: पीतल (Cu-Zn), कांस्य (Cu-Sn), और वर्षा-कठोर स्टील्स (जैसे 17-4PH)।
(2).प्रभाव:
①संक्षारण प्रतिरोध: वायुमंडलीय संक्षारण प्रतिरोध (जैसे अपक्षय स्टील) में सुधार करता है।
②.विद्युत/थर्मल चालकता: तांबे की मिश्रधातुओं में उत्कृष्ट विद्युत चालकता होती है।
③.वर्षा में वृद्धि: स्टील में ε-Cu चरण बनाता है (जैसे 17-4PH स्टेनलेस स्टील)।
10.वैनेडियम (V)
(1).अनुप्रयोग: टूल स्टील्स (जैसे D2), उच्च शक्ति वाले कम-मिश्र धातु स्टील्स (HSLA)।
(2).प्रभाव:
①.अनाज शोधन: अनाज की वृद्धि को रोकने के लिए कार्बोनाइट्राइड्स (जैसे वीसी) का निर्माण।
②.ताकत/कठोरता: कठोरता बनाए रखते हुए ताकत में सुधार करें (जैसे एचएसएलए स्टील)।
11.टंगस्टन (डब्ल्यू)
(1).अनुप्रयोग: हाई-स्पीड स्टील (जैसे एम 2), सीमेंटेड कार्बाइड (डब्ल्यूसी-सीओ) और उच्च तापमान मिश्र धातु।
(2).प्रभाव:
①.उच्च तापमान कठोरता: पहनने के लिए प्रतिरोधी कार्बाइड (जैसे W2C) का निर्माण।
②.लाल कठोरता: हाई-स्पीड स्टील उच्च तापमान पर कठोरता बनाए रखता है।
12. जिंक (Zn)
(1).अनुप्रयोग: गैल्वनाइज्ड स्टील (जंग की रोकथाम), पीतल (Cu-Zn) और एल्यूमीनियम मिश्र धातु (जैसे 7xxx श्रृंखला)।
(2).प्रभाव:
①.बलिदान एनोड सुरक्षा: जिंक परत स्टील मैट्रिक्स की सुरक्षा करती है।
②.ताकत: एल्यूमीनियम मिश्र धातु (जैसे Zn-Mg-Cu, 7075 एल्यूमीनियम मिश्र धातु) में एक मजबूत चरण बनाता है।
सारांश: यांत्रिक गुणों पर तत्वों का मुख्य प्रभाव
| प्रदर्शन | मुख्य योगदान देने वाले तत्व |
| ताकत/कठोरता | सी, सीआर, मो, वी, डब्ल्यू, एमएन |
| लचीलापन/कठोरता | नी, अल, Cu (मध्यम) |
| संक्षारण प्रतिरोध | सीआर, नी, मो, क्यू, अल |
| उच्च तापमान प्रदर्शन | डब्ल्यू, मो, सीआर, टीआई, नि |
| हल्का वज़न | अल, टीआई, एमजी |
इन तत्वों की सामग्री और संयोजन को समायोजित करके, मिश्र धातुओं को विशिष्ट आवश्यकताओं (जैसे उच्च शक्ति स्टील्स, संक्षारण प्रतिरोधी मिश्र धातु, या उच्च तापमान मिश्र धातु) को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया जा सकता है।